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Wednesday, 2 December 2015

"आगे बढ़ता रहे बिहार " ....!!!.



"आगे बढ़ता रहे बिहार " ......यह स्लोगन खूब हिट हो रहा है।कभी हम भी चाहते थे कि हमारा बिहार आगे बढे। हमने जब पटना में एक फ्लैट ख़रीदा था तो नाते रिश्तेदारों से काफी सुनना पड़ा था की पटना में तुझे क्या दिखा ...  न  तो वहां ढंग का रोड है, न  मॉल  है ,न कोई अच्छा सा होटल और भी सौ कमियां गिनाई उन्होंने .....  बाहर डेल्ही , बंगलौर वगैरह में क्यों नहीं   । मुझे भी बाद में लगने लगा कि  यहाँ घर खरीद कर हमने  कोई गलती तो नहीं कर दी ....चलो अब ले लिया तो ले लिया। इधर बहुत समय के बाद पटना जाना हुआ। जब हमारी गाड़ी खगोल होते हुए दानापुर  जगदेव  पथ पार  कर रही थी  तो मैं अचंभित हो रही थी कि ये  कौन सा शहर है .... ये पटना ही है क्या ....  आँखे विश्वास नहीं कर पा रही थी। रोड के दोनों ओर बड़े बड़े  मल्टीस्टोरी बिल्डिंग,बड़े बड़े शीशे वाले वोडाफोन,सोनी कंपनी के कॉरपोरेट ओफ़्फ़िसेस  ....  बड़े बड़े होटल देखने लायक हैं । साफ सुथरे हाइवेज  और दोनों तरफ सुन्दर ढंग से स्ट्रीट लाइट लगे हुए.....  ओवर ब्रिज का जाल सा फैला हुआ है।  बिहार का यह बदला रूप मेरे लिए अविश्वसनीय था।बहुत ख़ुशी हो रही है कि अपना बिहार आगे बढ़ रहा है  । अब लगता है कि हमने बिहार को आशियाना बनाकर बिलकुल सही काम किया ।