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Saturday, 20 April 2013

..............अब और नहीं सहेंगे

                                                                   

   


       स्तब्ध हैं हम !!!
      सरकार की उदासीनता हमने देखी 
      पुलिस की बर्बरता हमने देखी 
      पुलिस की कट्टरता 
      बहुत सी बात खोलती है 
      प्रशासन  की राज़ खोलती है 
      निहथ्यो के उपर कठोर वार करना इन्हें आता 
      क्या देश के युवा कुछ नाजायज मांग रहें थे ?
      सिर्फ दोषियों को  सजा ही तो मांग रहे थे 
      इंसाफ इस दामिनी के लिए 
      इंसाफ आने वाले कल के लिए 
      वो इंसाफ मांग रहे थे बिना किसी स्वार्थ के 
      वो इंसाफ मांग रहे थे बिना किसी शर्त के 
      युवाओ का आह्वान 
                         कर देंगे खाक जमीं आसमां को 
                          रंग देंगे अपने लहू से क्षितिज को 
     तब इस सरजमीं पे 
     कोई दामिनी किसी की शिकार नहीं होगी 
     किसी के बाहुपाश की सौगात नहीं होगी 
     मिटा देंगे बलात्कारी तुम्हे हम 
    अब ठहर जा 
    सहम जा 
    इस देश के युवाओ से 
    दामिनी के दर्द से दहल  रहा है 
    तुम्हें दंड देने को  उबल रहा है 
    बहुत सह ली हमने 
    अब और नहीं सहेंगे .........
    रंजना वर्मा